GST Ka Full Form क्या है? – GST Meaning In Hindi

हेलो दोस्तों, आज मैं आपको GST full form, Full Form Of GST, GST ka full form, GST meaning in hindi, GST क्या है, इत्यादि के बारे में बताने वाला हूँ।

आपलोगो ने जीएसटी का नाम कई बार सुना होगा और इसके बारे में आपने कही ना कही थोड़ा बहुत पढ़ा भी होगा लेकिन क्या आपको GST का फुल फॉर्म पता है?

जीएसटी का नाम पिछले कुछ वर्षों से बहुत ही प्रसिद्ध हुआ है और आपलोगो को भी इसका नाम हर जगह जरूर सुनने को मिलता होगा, जैसे news, newspaper, बुक, आदि।

जीएसटी के बारे में आपमें से कई लोगों को पता भी होगा और ऐसे भी बहुत सारे लोग होंगे जिन्हें इन सभी के बारे में पूरी जानकारी नहीं होगी।

अगर आपको इसके बारे में नहीं पता है तो कोई बात नहीं क्यूंकि आज मैं आपको GST full form के अलावा इनसे जुड़ी सारी जानकारी बताने वाला हूँ।

इसलिए आप इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक पूरा पढ़िए ताकि आपको GST के बारे में सारी जानकारी अच्छे से पता चल सकें।

GST Ka Full Form

GST Ka Full Form (जीएसटी का फुल फॉर्म):-

जीएसटी का फुल फार्म “Goods and Services Tax है। GST को हिंदी में “वस्तु एवं सेवा कर” कहा जाता है।

GST Full Form In English :-

GST का फुल फॉर्म इंग्लिश में “Goods and Services Tax होता है।

G – Goods

S – Services

T – Tax

◆ What is the full form of GST – Full Form of GST is “Goods and Services Tax

GST Full Form In Hindi :-

GST का फुल फॉर्म हिंदी में “वस्तु एवं सेवा कर” होता है।

G – Goods (वस्तु)

S – Services (सेवा)

T – Tax (कर)

GST क्या है (GST meaning in hindi):-

जीएसटी सभी अलग-अलग उत्पादों पे लगाया जाने वाला टैक्स है। जीएसटी का मतलब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स होता है और इसे 1 जुलाई 2017 को पूरे भारत में लागू कर दिया गया था।

यह एक अप्रत्यक्ष कर है जिसने भारत में कई अप्रत्यक्ष करों जैसे उत्पाद शुल्क, वैट, सेवा कर इत्यादि को बदल दिया है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर लगाया जाता है।

जीएसटी व्यवस्था के तहत, बिक्री के हर बिंदु पर टैक्स लगाया जाता है। इंट्रा-स्टेट सेल्स के मामले में सेंट्रल जीएसटी और स्टेट जीएसटी चार्ज किया जाता है।

GST को चार भागों में रखा गया है और GST के अंदर आने वाले टैक्स स्लैब को भी अलग-अलग उत्पादों के अनुसार चार भागों में बांटा गया है।

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GST के प्रकार :-

GST को चार भागों में रखा गया है, जो कुछ इस प्रकार हैं –

  1. CGST
  2. SGST
  3. IGST
  4. UTGST

1. CGST :-

CGST ka full form “Central Goods and Services Tax” है। सीजीएसटी एक ऐसा टैक्स है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा लिया जाता है और इस टैक्स से ली गयी राशि सीधे केंद्र सरकार के पास जाती है।

2. SGST :- 

SGST ka full form “State Goods and Services Tax” है। एसजीएसटी एक ऐसा टैक्स है, जिसे राज्य सरकार द्वारा लिया जाता है और इस टैक्स से ली गयी राशि सीधे राज्य सरकार के पास जाती है।

3. IGST :-

IGST ka full form “Integrated Goods and Service Tax” होता है। आईजीएसटी टैक्स एक राज्य से दूसरे राज्य में वस्तुओं की आदान-प्रदान पर लगाया जाता है|

4. UTGST :-

UTGST ka full form “Union Territory Goods and Services Tax” होता है। इस टैक्स को को एक विशेष जीएसटी के अंतर्गत रखा गया है।

इस टैक्स को हिंदी में “केंद्र शासित प्रदेश माल और सेवा कर” कहा जाता है। यूटीजीएसटी को भारत में सभी केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक समान टैक्स को लागू करने के लिए किया जाता है।

TAX क्या है :-

टैक्स एक अनिवार्य शुल्क या वित्तीय शुल्क है जो किसी भी सरकार द्वारा किसी व्यक्ति या संगठन पर सुविधाएं और बुनियादी ढांचा प्रदान करने वाले सार्वजनिक कार्यों के लिए लगाया जाता है।

टैक्स से लिया गया धन का उपयोग विभिन्न सार्वजनिक के विकास के लिए उपयोग किया जाता है। यदि कोई करों का भुगतान करने में विफल रहता है, तो पूर्व-निर्धारित कानून के तहत उसपे दंड भी लगाया जाता है।

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TAX के प्रकार :-

टैक्स मुख्यतः दो प्रकार का होता है।

  1. Direct Tax (प्रत्यक्ष कर)
  2. Indirect Tax (अप्रत्यक्ष कर)

1. Direct Tax (प्रत्यक्ष कर):-

किसी व्यक्ति की आय और संपत्ति पर लगाया जाने वाला टैक्स को Direct Tax (प्रत्यक्ष कर) कहा जाता है। यह टैक्स हर एक व्यक्ति को चुकाना होता है, जो किसी भी तरह से कमाई कर रहे हैं।

इस टैक्स के उदाहरण कुछ इस प्रकार हैं जैसे – संपत्ति कर, आय कर, कृषि कर, भू-राजस्व कर, आदि।

2. Indirect Tax(अप्रत्यक्ष कर):-

यह टैक्स व्यक्तियों की आय पर नहीं लगाया जाता है, बल्कि यह वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाता है। यह टैक्स उन सभी उत्पादों पे लगाया जाता है जो टैक्स स्लैब के अंदर आते हैं।

इस टैक्स के उदाहरण कुछ इस प्रकार हैं जैसे – सेवा कर, कस्टम टेक्स, बाजार कर, आदि।

GST के टैक्स स्लैब :-

GST के टैक्स स्लैब को अलग-अलग उत्पादों के अनुसार चार भागों में बांटा गया है –

  1. 5% Tax
  2. 12% Tax
  3. 18% Tax
  4. 28% Tax

1. 5% टैक्स स्लैब :-

GST के 5% टैक्स स्लैब के अंदर कई सारे उत्पादों को रखा गया है जैसे – चीनी, चाय, भुने हुई कॉफी बीन्स, खाने योग्य तेल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, बच्चों के लिए Milk food, पैक्ड पनीर, सूती धागा, फैब्रिक, सरकंडे की झाड़ू, न्यूजप्रिंट, केरोसिन, घरेलू LPG, कोयला, कॉटन फाइबर, और कपडे जो 1000 रूपये के अंदर आते हो, आदि।

2. 12% टैक्स स्लैब :-

GST के 12% टैक्स स्लैब के अंदर कई सारे उत्पादों को रखा गया है जैसे – घी, मक्खन, मोबाइल, काजू, बादाम, सॉस, फलों का जूस, नारियल पानी, अगरबत्ती और कपडे जो 1000 रूपये से अधिक के हो, आदि। 

3. 18% टैक्स स्लैब :-

GST के 18% टैक्स स्लैब के अंदर भी कई सारे उत्पादों को रखा गया है जैसे – हेयल ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट, कैपिटल गुड्स, पास्ता, कॉर्न फ्लैक्स, जैम, सूप, आइसक्रीम, टॉयलेट/फेशियल टिश्यूज, आयरन/स्टील, फाउंटेन पेन, कंप्यूटर, मानवनिर्मित फाइबर, 500 रुपये से अधिक के फुटवेयर, AC, रेफ्रिजरेटर, लैपटॉप, आदि।

4. 28% टैक्स स्लैब :-

GST के 28% टैक्स स्लैब के अंदर रखे जाने वाले उत्पादों के नाम कुछ इस प्रकार हैं जैसे – कस्टर्ड पाउडर, च्युइंग गम, परफ्यूम, शैंपू, मेकअप, पटाखे, सीमेंट, मोटरसाइकिल, मेकअप का सामान इत्यादि।

5. टैक्स फ्री वस्तुएं :-

हर दिन उपयोग होने वाले उत्पादों को टैक्स फ्री रखा गया है और इन सभी उत्पादों पे कुछ भी टैक्स नहीं लगेगा। टैक्स फ्री वस्तुएं कुछ इस प्रकार हैं जैसे – अनाज, फल, सब्जियां, मीट, मछली, अंडा, चिकन, दूध, छाछ, दही, प्राकृतिक शहद,आटा, बेसन, ब्रेड, नमक, सिंदूर, बिंदी, स्टांप, पेपर, अखबार, किताब, काजल, बच्चों की ड्राइंग, कलर बुक, इत्यादि।

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GST के फायदे :-

आइए अब जानते हैं जीएसटी से होने वाले फायदों के बारे में –

  • जीएसटी के आने से सेवा कर केंद्रीय बिक्री कर राज्य बिक्री कर इत्यादि जैसे टैक्स को पूरी तरह से खत्म किया गया है।
  • जीएसटी लागू होने के बाद भारत में टैक्स की व्यवस्था बहुत अच्छी हुई है और इसे आसान बनाया गया है।
  • GST लागू होने से पहले कुछ उत्पादों पे 24% से 30% तक की टैक्स लगती थी लेकिन GST के बाद अब हर उत्पाद पे 18% तक का ही टैक्स लगता है।
  • जीएसटी लागू होने से भ्रष्टाचारी कम करने में मदद मिली है।
  • जीएसटी के आने से सबसे ज्यादा फायदा गरीब लोगों को हुआ है, क्यूंकि रोज़मर्रा में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों पे ना के बराबर टैक्स लगता है।

GST के नुकसान :-

GST से होने वाले नुकसान कुछ इस प्रकार हैं –

  • जीएसटी के लागू होने से लगभग सभी उत्पादों की कीमत बढ़ चुकी है।
  • जीएसटी लागू होने से पहले सभी उत्पादों और सर्विसेज पे केवल 14.5% का टैक्स लगाया जाता था लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद से यह टैक्स 18% हो गया है।
  • GST लगने के बाद अब रेलवे टिकट में सर्विस टैक्स बढ़ चुका है।
  • GST लागू होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे टीवी, फ्रीज, मोबाइल, लैपटॉप, इत्यादि जैसे सामान बहुत महंगे हो गए हैं।
  • जीएसटी लगने के बाद होटल, खाना, हवाई यात्रा, रेल यात्रा, आदि महंगा हो गया है।

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FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल):-

1. GST Ka Full Form क्या है?

GST का फुल फॉर्म “Goods and Services Tax” है।

2. GST कब लागू हुआ था?

जीएसटी 1 जुलाई 2017 में लागू हुआ था।

3. GST क्यों लाया गया था? 

टैक्स की व्यवस्था सही करने के लिए और इसे आसान बनाने के लिए लाये गए थे।

निष्कर्ष :

आज के इस post में हमनें GST के बारे में बहुत कुछ जाना हैं, हमने GST Full Form, GST meaning in hindi, Full Form Of GST, GST ka full form, GST long form, GST क्या है, GST के प्रकार, GST के फायदे, इत्यादि के बारे में बात किया है।

मुझे उम्मीद है की इस article में बताये गए GST से रिलेटेड सारी जानकारी आपको समझ आ गए होंगे और अब आपको GST के बारे में सब कुछ पता चल गया होगा।

अगर आप मुझसे GST से सम्बंधित कोई भी सवाल पूछना चाहते हैं तो आप नीचे comment कर के पूछ सकते हैं और अगर कोई सुझाब देना चाहते हैं तो भी आप बता सकते हैं।

अगर आपको इस article से कुछ नई जानकारी प्राप्त हुई हो तो आप अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स और अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

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